
वापी जीआईडीसी पुलिस थाने में दर्ज फर्जी दस्तावेजों के एक गंभीर मामले में पिछले दस वर्षों से फरार चल रहे वॉन्टेड आरोपी को वलसाड जिला लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की टीम ने नवसारी से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
सूरत रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रेमवीर सिंह (IPS) और वलसाड जिला पुलिस अधीक्षक युवराजसिंह जाडेजा (IPS) के निर्देश पर, तथा एलसीबी वलसाड के पुलिस निरीक्षक उत्सव बारोट के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
एलसीबी टीम फरार और वॉन्टेड आरोपियों की तलाश में सक्रिय थी, इसी दौरान मिली ठोस गुप्त सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशीषकुमार सुरेशचंद्र पांडे (उम्र 37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में वेजलपुर, नवसारी में रह रहा था। आरोपी मूल रूप से प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को नवसारी से हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु वापी जीआईडीसी पुलिस थाने को सौंप दिया है।
आरोपी के खिलाफ वर्ष 2016 में वापी जीआईडीसी पुलिस थाने में फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, कंपनी एक्ट, इंडियन इंश्योरेंस एक्ट तथा आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। तभी से आरोपी फरार चल रहा था।
इस पूरी कार्रवाई में एलसीबी वलसाड की टीम—
पुलिस उप निरीक्षक जे.बी. धनेशा,
सहदेवसिंह राजेंद्रसिंह राठौड़,
उर्वीस चंद्रजीत गोहिल,
कुलदीपसिंह धर्मेंद्रसिंह झाला और
हरदीपसिंह हेतुभा गोहिल
ने टीमवर्क और सतर्कता से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फर्जी दस्तावेजों के इस मामले में लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को वलसाड एलसीबी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में पुलिस को मजबूती मिली है।

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