

वापी शहर के डूंगरा स्थित हरियापार्क क्षेत्र में वलसाड ज़िला लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी भारतीय मुद्रा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक फ्लैट पर छापा मारकर ₹500 के नकली नोट, प्रिंटर सहित नकली नोट बनाने के उपकरण और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वलसाड ज़िले में संपत्ति व अन्य संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चल रहे विशेष अभियान के दौरान LCB टीम गश्त पर थी। इसी दौरान एएसआई अजय अमलाभाई चौधरी को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर डूंगरा हरियापार्क क्षेत्र में कार्रवाई की गई। मौके से आरोपी संजय सोमनाथभाई पवार को ₹500 के नकली नोटों के साथ पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ दिन पहले उसने अपने साले और अन्य परिचितों के साथ मिलकर वापी निवासी छायादेवी मंडल से मुलाकात की थी। इसमें ₹30 लाख के बदले ₹80 लाख के नकली नोट तैयार करने का सौदा तय हुआ था। नकली नोट छापने के लिए छायादेवी मंडल ने हरियापार्क स्थित अपना फ्लैट उपलब्ध कराया, जहां बड़े पैमाने पर ₹500 के फर्जी नोटों की छपाई की जा रही थी।
पुलिस ने फ्लैट से कुल 1215 कागज़ों पर छपे ₹500 के नकली नोट (मुद्रित मूल्य लगभग ₹24.30 लाख), दो मोबाइल फोन, ₹1,580 नकद, एक कलर प्रिंटर, कटर, स्टील स्केल, एक्सटेंशन बोर्ड, सोल्डर बैग, रंगीन स्याही, फेवी स्टिक, टेप, फाइलें, कागज़ के पैकेट, दस्ताने सहित अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल अनुमानित कीमत ₹17,680 बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में
संजय सोमनाथभाई पवार (उम्र 51 वर्ष) – वर्तमान निवासी वापी
छायादेवी, पत्नी सुदेश मंडल (उम्र 40 वर्ष) – वर्तमान निवासी भडकमोरा, वापी
शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से नकली भारतीय मुद्रा बनाकर उसे असली के रूप में बाजार में चलाने की योजना बनाई थी, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।
इस मामले में डूंगरा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। जब्त मुद्देमाल और आरोपियों को आगे की जांच के लिए डूंगरा पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है।
LCB वलसाड की टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए इस गंभीर अपराध का खुलासा किया है।

Leave a Reply