
लक्ष्यवेध की खबरों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं ?
दमन, वापी और सिलवासा जैसे शहरों में कथित रूप से वर्षों से सक्रिय देह व्यापार के नेटवर्क को लेकर एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, “भीम” नामक व्यक्ति द्वारा इस अवैध गतिविधि का संचालन किए जाने के आरोप हैं, लेकिन अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
पहले भी उठी थी आवाज़
यह उल्लेखनीय है कि लक्ष्यवेध समाचार पत्र ने इस मुद्दे को पूर्व में भी कई बार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बावजूद न तो व्यापक जांच शुरू हुई और न ही नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए।
मजबूरी का शोषण, संगठित तरीका
सूत्रों का दावा है कि आर्थिक तंगी से जूझ रही युवतियों को इस धंधे में धकेला जाता है।
कथित तौर पर संपर्क और सौदेबाज़ी डिजिटल माध्यमों से की जाती है, जिसके बाद युवतियों को अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है।
बताया जाता है कि पूरी रात के लिए हजारों रुपये तक वसूले जाते हैं।
होटलों की भूमिका पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, दमन के कुछ होटलों में इस अवैध गतिविधि के संचालन के आरोप हैं।
देवका रोड क्षेत्र के एक होटल और उसके आसपास से नेटवर्क के संचालन की बातें सामने आ रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
प्रशासन की चुप्पी पर प्रश्न
लगातार सामने आ रहे आरोपों के बावजूद कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है—
* क्या पुलिस को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं?
* यदि जानकारी है, तो अब तक सख़्त कदम क्यों नहीं उठाए गए ?
* क्या होटल संचालकों की भूमिका की जांच होगी ?
कड़क कार्रवाई की जरूरत
यह मामला केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और मानवीय गरिमा से जुड़ा है।
लक्ष्यवेध प्रशासन से मांग करता है कि:
- पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए
- संदिग्ध ठिकानों और होटलों की भूमिका स्पष्ट की जाए
- दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
समाज और सिस्टम की चुप्पी, ऐसे अपराधों को बढ़ावा देती है।
अब जरूरत है ठोस कार्रवाई की, न कि केवल आश्वासन की।

Leave a Reply