
वापी / लक्ष्यवेध
वापी रेलवे स्टेशन (ईस्ट) के ठीक समीप किरण और भिंडी नामक व्यक्तियों द्वारा वर्षों से कथित तौर पर खुलेआम अवैध शराब का धंधा चलाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये कथित शराब अड्डे गीता नगर पुलिस चौकी से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित हैं, इसके बावजूद न कोई डर दिखाई देता है और न ही कोई ठोस रोक — कारोबार बेखौफ जारी है।
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वलसाड जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) एक सख्त, ईमानदार और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में जिले में पूर्व में कई अवैध गतिविधियों पर सख्त और प्रभावी कार्रवाई की गई है। ऐसे में यह मामला किसी वरिष्ठ अधिकारी की नीयत या कार्यशैली पर नहीं, बल्कि चौकी स्तर पर तैनात कर्मियों की निगरानी, जवाबदेही और संभावित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब की खुलेआम बिक्री से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे महिलाओं, यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद गीता नगर पुलिस चौकी की ओर से अब तक कोई ठोस, प्रभावी और ज़मीनी कार्रवाई न दिखाई देना चिंता का विषय है।
अब यह सवाल पूछना लाज़िमी हो गया है—
क्या चौकी स्तर पर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं?
या फिर अवैध धंधेबाजों को किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त है?
यदि शीघ्र सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला स्थानीय स्तर से ऊपर उठकर स्टेट मॉनिटरिंग सेल के सीधे हस्तक्षेप की मांग करता है।
लक्ष्यवेध समाचार इस पूरे मामले को स्टेट मॉनिटरिंग सेल एवं वलसाड पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में लाकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा, ताकि कानून का भय पुनः स्थापित हो और आम जनता का भरोसा कायम रह सके।

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