
वापी तालुका के चनोद गांव विस्तार में स्थित शिव मंदिर के ठीक बाजू वाले एक घर में शीला नामक महिला द्वारा कथित तौर पर कई वर्षों से अवैध शराब का धंधा चलाए जाने की चर्चा सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार हालात ऐसे बन गए हैं कि मानो गांव में खुलेआम बार संचालित हो रहा हो।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह गतिविधि आज-कल की नहीं, बल्कि सालों से लगातार चलती आ रही बताई जा रही है। इसके बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
गांधी के गुजरात में, जहां शराबबंदी कानून को लेकर सख्त दावे किए जाते हैं, वहीं मंदिर के बाजू में स्थित घर से शराब बिक्री की चर्चा से प्रशासनिक निगरानी और कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़मी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस कथित अवैध कारोबार से क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है—
क्या पुलिस-प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा?
या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है?
लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि शराबबंदी कानून की विश्वसनीयता बनी रह सके।

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