
वापी |लक्ष्यवेध
वापी महा नगरपालिका की कार्यशैली इन दिनों आम नागरिकों की समझ से परे होती जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय आम लोगों को होने वाली परेशानियों पर शायद ही कोई गंभीरता से विचार किया गया हो।
शहर में एक साथ कई प्रमुख मार्गों पर सड़क कार्य शुरू कर दिए गए हैं। नतीजा यह है कि हर दिशा से रास्ते बंद हैं और जनता को रोज़ाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे, नौकरीपेशा लोग, मरीज, बुज़ुर्ग — कोई भी इससे अछूता नहीं है।
जनता का सीधा सवाल है कि क्या ऐसा संभव नहीं था कि पहले एक मार्ग का कार्य पूर्ण किया जाता, फिर दूसरे मार्ग पर काम शुरू किया जाता? लेकिन इसके उलट, हर क्षेत्र में एक साथ खुदाई कर रास्ते अवरुद्ध कर दिए गए हैं, जिससे ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
विकास ज़रूरी है, लेकिन अव्यवस्था के साथ किया गया विकास जनता के लिए बोझ बन जाता है। नगर पालिका को चाहिए कि वह योजनाबद्ध तरीके से कार्य करे, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करे और नागरिकों को पहले से स्पष्ट जानकारी दे।
जनता विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन लापरवाही और असंवेदनशीलता के खिलाफ ज़रूर है। अब देखना यह है कि नगर पालिका जनता की इस पीड़ा को समझते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करती है या नहीं।
— यह सवाल सिर्फ आज का नहीं, हर आम नागरिक की आवाज़ है।

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